
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता के बेटे अमन कासलीवाल की फर्म का रिकॉर्ड जांच के दायरे में, ऑनलाइन बिक्री और प्रदेश में फैले सप्लाई नेटवर्क की पड़ताल
देवास। चंदाना-बिंजाना क्षेत्र में हुई मौतों के बाद सामने आए नकली शराब मामले में पुलिस की जांच अब केमिकल सप्लाई के नेटवर्क तक पहुंच गई है। पुलिस के मुताबिक, इंदौर के केमिकल व्यापारी अमन कासलीवाल पर थिनर के नाम पर मेथेनॉल सप्लाई करने का आरोप है। उसके मोबाइल और लैपटॉप से मिले बिक्री संबंधी रिकॉर्ड में 95 ग्राहकों की जानकारी सामने आई है। ये ग्राहक प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के बताए जा रहे हैं। पुलिस अब पता लगा रही है कि केमिकल किन लोगों ने खरीदा, कितनी मात्रा में खरीदा और उसका इस्तेमाल किस काम में हुआ।
गिरफ्तार आरोपी अमन, कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता आनंद जैन कासलीवाल का बेटा है। परिवार ने आरोपों को खारिज करते हुए पेंट थिनर का वैध कारोबार करने और संबंधित माल बिल-बिल्टी के साथ बेचने की बात कही है।
सादे नीले ड्रम में ट्रांसपोर्ट से भेजा गया था केमिकल
पुलिस की जांच के मुताबिक, अमन ने सादे नीले ड्रम में केमिकल भरकर ट्रांसपोर्ट के माध्यम से आरोपी अजय राठौर तक पहुंचाया था। आरोप है कि अजय और उसके साथियों ने इसी केमिकल का इस्तेमाल नकली शराब बनाने में किया।
इंदौर के दवा बाजार स्थित राइजिंग ब्रदर्स के कार्यालय और लोहा मंडी स्थित गोदाम से जुड़े रिकॉर्ड भी जांच में लिए गए हैं। पुलिस खरीद के दस्तावेज, बुकिंग, भुगतान और माल पहुंचाने की कड़ियों को जोड़ रही है।
मोबाइल और लैपटॉप से मिले 95 ग्राहकों के रिकॉर्ड
अमन के पास से मिले डिजिटल रिकॉर्ड ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। पुलिस के मुताबिक, मोबाइल में ग्राहकों की जानकारी और लैपटॉप में बिक्री संबंधी डेटा मिला है। इसमें सामने आए 95 ग्राहकों की पहचान, खरीद की मात्रा और भुगतान के तरीकों की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस यह भी जांच रही है कि संबंधित ग्राहकों ने केमिकल का इस्तेमाल औद्योगिक काम में किया या किसी अन्य उद्देश्य से खरीदा था। सूची में नाम मिलने भर से सभी ग्राहक आरोपी नहीं हो जाते। उनकी भूमिका जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर तय होगी।
IndiaMART पर भी मेथेनॉल बिक्री की जानकारी
पुलिस के मुताबिक, राइजिंग ब्रदर्स फर्म की IndiaMART पर मौजूदगी और वहां मेथेनॉल की ऑनलाइन बिक्री से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है। अब ऑनलाइन कारोबार से जुड़े विवरणों को जब्त बिक्री रिकॉर्ड से मिलाकर देखा जा रहा है।
जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि फर्म से केमिकल कहां-कहां भेजा गया और उसके अंतिम उपयोग के बारे में क्या जानकारी उपलब्ध है।
नकली शराब को असली शराब की पेटियों में मिलाने का आरोप
कोतवाली थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया के मुताबिक, पूछताछ और तकनीकी जांच में अजय राठौर द्वारा केमिकल से नकली शराब तैयार करने की बात सामने आई थी। पुलिस का आरोप है कि उसने घर में शराब बनाने के बारे में एआई के माध्यम से जानकारी जुटाई थी।
इसके बाद तैयार नकली शराब की बोतलों को लाइसेंसी शराब की पेटियों में मिलाकर चंदाना-बिंजाना क्षेत्र में बेचा गया। इस बिक्री में विनोद जायसवाल और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। शराब की दुकानों से जुड़े प्रबंधकों और सेल्समैन के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
खुलासा होने के बाद सबूत मिटाने की कोशिश
जांच में मामले का खुलासा होने के बाद सबूत मिटाने की कोशिश की बात भी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने बचा हुआ केमिकल नष्ट किया और खाली बोतलें व ढक्कन जला दिए।
आरोपियों के ठिकानों से कटे हुए ड्रम के हिस्से, नलियां और टीन के खाली डिब्बे जब्त किए गए हैं। ड्रम के एक हिस्से पर मेथेनॉल जैसा अस्पष्ट शब्द मिलने की जानकारी भी सामने आई है। इन वस्तुओं की जांच कराकर केमिकल सप्लाई और नकली शराब निर्माण से उनका संबंध स्पष्ट किया जा रहा है। अवैध शराब की बिक्री में इस्तेमाल बाइक भी जब्त की गई है।
अमन सहित चार आरोपी 2 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर
मामले में अमन सहित चार आरोपियों को अदालत ने 2 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर सौंपा है। पुलिस उनसे केमिकल की खरीद-बिक्री, सप्लाई और अन्य लोगों की भूमिका को लेकर पूछताछ कर रही है।
अमन की गिरफ्तारी के साथ इस प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 11 हो चुकी है। आगे की कार्रवाई डिजिटल रिकॉर्ड, पूछताछ और वैज्ञानिक जांच से मिलने वाले तथ्यों के आधार पर होगी।
क्या है मेथेनॉल और कितना खतरनाक है?
मेथेनॉल को मिथाइल अल्कोहल या वुड अल्कोहल भी कहा जाता है। यह जहरीला और अत्यधिक ज्वलनशील औद्योगिक रसायन है। इसका सेवन आंखों की रोशनी को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है और जानलेवा भी हो सकता है। यह पीने योग्य शराब में इस्तेमाल होने वाले एथेनॉल से अलग रसायन है।
पिता का पक्ष: बिल के साथ बेचा था पेंट थिनर
अमन के पिता आनंद जैन कासलीवाल का कहना है कि उनकी फर्म वर्षों से पेंट केमिकल और थिनर का वैध व्यापार करती है। उन्होंने दावा किया कि संबंधित व्यक्ति को माल आवश्यक बिल और विवरण के साथ दिया गया था।
उनका कहना है कि खरीदार ने बाद में सामग्री का दुरुपयोग किया हो तो उसकी जिम्मेदारी सीधे व्यापारी पर नहीं डाली जा सकती। उन्होंने बेटे पर लगे आरोपों को निराधार बताया है।
मौतों के कारण पर वैज्ञानिक जांच महत्वपूर्ण
चंदाना-बिंजाना में हुई मौतों की जांच और नकली शराब तैयार कर बेचने के मामले में सामने आए तथ्यों की पड़ताल जारी है। केमिकल की सप्लाई और नकली शराब की बिक्री के आरोपों के साथ यह भी स्पष्ट किया जाना है कि किन मौतों का संबंध संबंधित शराब से था।
इससे पहले पुलिस ने मृतकों के विसरा और जब्त सामग्री की फॉरेंसिक जांच के बाद मौतों के वास्तविक कारण स्पष्ट होने की बात कही थी। इसलिए केमिकल की पहचान, शराब की जांच और प्रत्येक मौत के कारण संबंधी वैज्ञानिक निष्कर्ष इस प्रकरण की महत्वपूर्ण कड़ियां हैं।



