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त्योहार से पहले 19 खाद्य नमूने भोपाल भेजे, रिपोर्ट कब आएगी? विभाग की कार्रवाई और लंबी पदस्थापना पर उठे सवाल

देवास और सोनकच्छ के होटल-रेस्टोरेंट से पनीर, दाल, ग्रेवी सहित कई खाद्य पदार्थों के नमूने लिए; लाइसेंस नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों को नोटिस

देवास। आगामी त्योहारों को देखते हुए खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने जिले के विभिन्न होटल, रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच करते हुए 19 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए हैं। सभी नमूने जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजे गए हैं। लाइसेंस की शर्तों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों को नोटिस भी जारी किए गए हैं।

विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुरेंद्र ठाकुर ने याराना होटल, रेस्टोरेंट एंड रिसॉर्ट बरोड़पीपल्या तथा रूपाखेड़ी स्थित इंदौर-क्षिप्रा अमलतास बायपास रोड क्षेत्र से बटर स्प्रेड और पनीर के नमूने लिए। गॉड गिफ्ट रिसॉर्ट एंड रेस्टोरेंट से तुअर दाल, मूंग दाल, डॉलर चना, मूंग मोगर, चना पापड़ और मूंग पापड़ के नमूने लिए गए।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश वास्केल और हिमाली सोनपाटकी ने न्यू पप्पू एंड पप्पू रिसॉर्ट सोनकच्छ से पनीर, रायता, इमली चटनी, ग्रेवी और दाल के नमूने लिए। मुरलीवाला छप्पन भोग सोनकच्छ से पनीर और ग्रेवी, जबकि शिवम इंटरप्राइजेस अरनिया सोनकच्छ से पनीर, ग्रेवी, उड़द दाल और मसूर दाल के नमूने लिए गए।

त्योहारों के समय ही कार्रवाई क्यों?

खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई के साथ उसकी कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। अधिकांश मामलों में त्योहारों के ठीक पहले नमूने लिए जाते हैं, लेकिन जांच रिपोर्ट आने में लंबा समय लग जाता है। यदि किसी खाद्य पदार्थ का नमूना अमानक या मिलावटी निकलता है, तब तक उसकी बिक्री और खपत हो चुकी होती है। ऐसे में केवल नमूने लेकर भोपाल भेजना पर्याप्त नहीं है। त्योहार से पहले रिपोर्ट प्राप्त कर संबंधित प्रतिष्ठान पर तत्काल कार्रवाई होना जरूरी है।

अधिकारी की लंबी पदस्थापना भी चर्चा में

खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुरेंद्र ठाकुर की देवास में करीब एक दशक से पदस्थापना होने की बात भी स्थानीय स्तर पर उठती रही है। एक ही जिले में लंबे समय तक पदस्थापना रहने से बड़े खाद्य कारोबारियों और विभागीय अधिकारियों के बीच निकटता बनने की आशंका को लेकर सवाल खड़े होते हैं। हालांकि किसी विशेष प्रतिष्ठान या अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार का प्रमाण सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है, लेकिन पारदर्शिता बनाए रखने के लिए शासन को लंबी पदस्थापना, निरीक्षण की नियमितता और नमूना जांच की समय-सीमा की समीक्षा करनी चाहिए।

खाद्य सुरक्षा का उद्देश्य केवल नमूने लेकर कार्रवाई का आंकड़ा जारी करना नहीं, बल्कि मिलावटी और अमानक खाद्य सामग्री को लोगों तक पहुंचने से रोकना होना चाहिए। अब देखना होगा कि भोपाल भेजे गए इन 19 नमूनों की रिपोर्ट कब आती है और अमानक नमूने मिलने पर विभाग संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।

सौरभ सचान

सौरभ सचान देवास लाइव (dewaslive.com) के संपादक एवं प्रमुख हैं। देवास लाइव मध्यप्रदेश के देवास जिले से प्रकाशित एक प्रमुख डिजिटल हिंदी न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है, जो स्थानीय खबरों, सामाजिक मुद्दों और जनहित से जुड़ी घटनाओं को निष्पक्ष और सटीक रूप में प्रस्तुत करता है। सौरभ सचान की पत्रकारिता का उद्देश्य स्थानीय आवाज़ों को सामने लाना और देवास की जमीनी सच्चाई को जनता तक पहुँचाना है।

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