
कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने समय-सीमा बैठक में की विभागवार समीक्षा, सोनकच्छ और खातेगांव बीएमओ सहित कई अधिकारियों को शोकाज नोटिस के निर्देश
देवास, 21 जुलाई 2026। कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने जिले में लंबित अविवादित नामांतरण और बंटवारा प्रकरणों का तय समय-सीमा में निराकरण नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अविवादित नामांतरण और बंटवारे के प्रकरण किसी भी स्थिति में 45 दिनों की निर्धारित समय-सीमा से बाहर नहीं जाने चाहिए। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय कर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ऋतुराज सिंह की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में समय-सीमा संबंधी लंबित पत्रों और अंतरविभागीय समन्वय से जुड़े मामलों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, राजस्व, नगरीय निकाय, ग्रामीण आजीविका मिशन, शिक्षा सहित विभिन्न विभागों के कामकाज की समीक्षा की गई।
ANC पंजीयन में लापरवाही, सोनकच्छ और खातेगांव BMO को शोकाज नोटिस
बैठक में कलेक्टर ने जिले में शिशु मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर से जुड़े प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के एएनसी पंजीयन की विकासखंडवार स्थिति की जानकारी ली और पंजीयन कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
सोनकच्छ और खातेगांव क्षेत्र में एएनसी पंजीयन की प्रगति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने सोनकच्छ और खातेगांव के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने मॉडरेट एनीमिक गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य प्रबंधन की भी समीक्षा की और शत-प्रतिशत स्वास्थ्य प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा। सोनकच्छ क्षेत्र में इस कार्य में भी अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर सोनकच्छ बीएमओ को शोकाज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने सभी बीएमओ को चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्यों में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बाल विवाह के मामले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पर होगी कार्रवाई
कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने निर्देश दिए कि जिले में जहां भी बाल विवाह के मामले सामने आए हैं, वहां संबंधित क्षेत्र की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
टीबी के संभावित मरीजों की ज्यादा से ज्यादा स्क्रीनिंग के निर्देश
कलेक्टर ने ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ की भी समीक्षा की। उन्होंने जिले में ज्यादा से ज्यादा संभावित टीबी मरीजों की स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए, ताकि बीमारी की समय पर पहचान हो सके और मरीजों का उपचार जल्द शुरू किया जा सके।
पोषण ट्रैकर में लापरवाही पर टोंकखुर्द CDPO को नोटिस
पोषण ट्रैकर ऐप पर बच्चों के पंजीयन में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने टोंकखुर्द के सीडीपीओ को निलंबन संबंधी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए गए कि आगामी एक सप्ताह में बच्चों के पंजीयन कार्य में संतोषजनक प्रगति नहीं होती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ निलंबन की वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
NRLM के पंकज ठाकुर को टर्मिनेशन संबंधी नोटिस
कलेक्टर ने लगातार कार्य में लापरवाही बरतने के मामले में एनआरएलएम में कार्यरत पंकज ठाकुर को सेवा समाप्ति यानी टर्मिनेशन संबंधी शोकाज नोटिस देने के निर्देश दिए।
181 स्व सहायता समूहों की 711 महिलाओं को पशुपालन के लिए मिला ऋण
बैठक में जिले में संचालित स्व सहायता समूहों के बैंक क्रेडिट लिंकेज की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्व सहायता समूहों के बैंक लिंकेज की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
उन्होंने कहा कि ऋण आवेदनों और ऋण स्वीकृति में आने वाली तकनीकी समस्याओं को तत्काल दूर किया जाए, ताकि महिलाओं को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके और वे आत्मनिर्भर बन सकें।
बैठक में बताया गया कि जिले के 181 स्व सहायता समूहों से जुड़ी 711 महिलाओं को पशुपालन गतिविधियों के लिए ऋण उपलब्ध कराया गया है।
सीमांकन और बंटवारे के लंबित प्रकरण एक सप्ताह में निपटाने के निर्देश
कलेक्टर ने जिले में लंबित अविवादित सीमांकन और बंटवारा प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित राजस्व अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत लंबित प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि एक सप्ताह में प्रकरणों का संतोषजनक निराकरण नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अविवादित नामांतरण और बंटवारे के प्रकरण 45 दिनों की तय समय-सीमा में ही निपटाए जाएं।
पीएम किसान e-KYC के लिए तीन दिन की समय-सीमा
कलेक्टर ने पीएम किसान योजना के तहत किसानों की ई-केवाईसी की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने तीन दिन के भीतर शत-प्रतिशत किसानों की ई-केवाईसी पूरी करने के निर्देश दिए।
निर्धारित तीन दिन में ई-केवाईसी का कार्य पूरा नहीं होने पर संबंधित तहसीलदारों के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई।
लोक सेवा गारंटी में देरी पर अधिकारियों पर लगेगा दंड
कलेक्टर ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत निर्धारित समय-सीमा के बाद लंबित प्रकरणों पर भी नाराजगी जताई।
उन्होंने निर्देश दिए कि समय-सीमा से बाहर लंबित मामलों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ दंड की कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों की समस्याओं और आवेदनों का शत-प्रतिशत तथा गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
हाटपीपल्या, करनावद और सतवास CMO की दो-दो वेतन वृद्धि रोकने का नोटिस
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की समीक्षा के दौरान सामने आया कि हाटपीपल्या, करनावद और सतवास नगरीय निकायों में आवेदकों के कई प्रकरण लंबे समय से लंबित हैं।
आवेदनों के निराकरण में अत्यधिक देरी और कार्य के प्रति उदासीनता को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने हाटपीपल्या, करनावद और सतवास के मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को दो-दो वेतन वृद्धि रोकने संबंधी शोकाज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
जर्जर भवनों में स्कूल संचालित नहीं करने के निर्देश
कलेक्टर ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि जिले में किसी भी जर्जर भवन में स्कूल संचालित नहीं किया जाए। ऐसे स्कूलों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
उन्होंने कहा कि जर्जर भवन में स्कूल संचालित पाए जाने पर संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कन्नौद तहसील के ग्राम पानीगांव में जर्जर भवन में स्कूल संचालन का मामला सामने आने पर कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
माताजी टेकरी का रोपवे बंद, संचालक को नोटिस देने के निर्देश
देवास की माताजी टेकरी पर संचालित रोपवे वर्तमान में बंद होने के मामले को भी कलेक्टर ने गंभीरता से लिया। उन्होंने एसडीएम देवास को रोपवे संचालक को नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार, अपर कलेक्टर शोभाराम सोलंकी, अपर कलेक्टर संजीव जैन, संयुक्त कलेक्टर विशाखा देशमुख, संयुक्त कलेक्टर अंशु जावला, डिप्टी कलेक्टर प्रियल यादव, एसीईओ जिला पंचायत एसएस सिंह सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे। विकासखंड स्तर के अधिकारी बैठक में वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।



