
13 नवंबर तक प्रभावी रहेगा आदेश, केवल प्राकृतिक मिट्टी और गोबर से बनी प्रतिमाओं के निर्माण एवं बिक्री की अनुमति
देवास। जिले में मूर्तियों के निर्माण और विसर्जन से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए प्रशासन ने प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) और रासायनिक पदार्थों से बनने वाली मूर्तियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ऋतु राज सिंह द्वारा जारी यह प्रतिबंधात्मक आदेश 13 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की सेंट्रल जोनल बेंच भोपाल और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिशा-निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया गया है। प्रशासन ने जनस्वास्थ्य की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और लोक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से यह प्रतिबंध लगाया है।
केवल मिट्टी और गोबर से बन सकेंगी प्रतिमाएं
आदेश के अनुसार देवास जिले में मूर्तियों एवं प्रतिमाओं के निर्माण में केवल प्राकृतिक सामग्री, परंपरागत मिट्टी और गोबर का उपयोग किया जा सकेगा। प्रतिमाओं के रंग-रोगन के लिए भी प्राकृतिक और गैर-विषाक्त रंगों का ही प्रयोग करना होगा।
प्लास्टर ऑफ पेरिस अथवा किसी भी प्रकार के रासायनिक पदार्थ से मूर्तियों के निर्माण और बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी। ऐसी प्रतिमाओं को बाहर से देवास जिले में लाने अथवा देवास जिले से बाहर ले जाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
निर्माण स्थलों की जांच, सामग्री होगी जब्त
नगर निगम और जिले के अन्य स्थानीय निकाय मूर्ति निर्माण स्थलों का भौतिक सत्यापन करेंगे। जांच के दौरान POP अथवा रासायनिक सामग्री से बनाई जा रही प्रतिमाएं या प्रतिबंधित निर्माण सामग्री मिलने पर उसे जब्त किया जाएगा।
जब्त की गई प्रतिमाओं और निर्माण सामग्री का निपटान नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के अनुसार किया जाएगा। मूर्ति निर्माताओं और विक्रेताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके द्वारा तैयार या बेची जा रही प्रतिमाएं पूरी तरह प्राकृतिक सामग्री से बनी हों।
विसर्जन से पहले अलग करनी होगी पूजन सामग्री
प्रतिमा विसर्जन से पहले फल-फूल, नारियल, वस्त्र, आभूषण, कागज और प्लास्टिक से बनी पूजन सामग्री को प्रतिमा से अलग करना होगा। स्थानीय निकाय इस सामग्री को एकत्रित कर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के अनुसार उसका निपटान कराएंगे।
विसर्जन के बाद जलस्रोतों में बांस, रस्सी, मिट्टी और अन्य अवशेष पड़े नहीं रहने दिए जाएंगे। नगरीय निकायों को विसर्जन के 24 घंटे के भीतर इन अवशेषों को एकत्रित कर नियमानुसार निष्पादित करना होगा।
उल्लंघन पर दर्ज होगा आपराधिक प्रकरण
प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाएगा। प्रशासन ने नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
जिले के सभी अनुविभागीय दंडाधिकारियों और एसडीओपी को अपने-अपने प्रभार क्षेत्र में आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। कार्रवाई के दायरे में प्रतिबंधित प्रतिमाओं का निर्माण, बिक्री, परिवहन अथवा भंडारण करने वाले लोग आएंगे।


