
जोधपुर स्वीट्स और न्यू स्वदेशी स्वीट्स पर छापे में मिला था प्रतिबंधित एनालॉग मावा; 820 किलो के खाली बैग भी हुए थे बरामद
देवास। शहर में बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित एनालॉग मावा मिलने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए जब्त किए गए करीब 124 किलो मावे को नष्ट कर दिया। कलेक्टर ऋतुराज सिंह के कड़े निर्देश पर मावे को वाहन से ट्रेंचिंग ग्राउंड ले जाया गया, जहां जेसीबी की सहायता से गड्ढे में डालकर जमीन में दबा दिया गया।
यह मावा भोपाल चौराहा स्थित जोधपुर स्वीट्स और नयापुरा स्थित न्यू स्वदेशी स्वीट्स पर की गई कार्रवाई के दौरान बरामद किया गया था। दोनों प्रतिष्ठानों से 820 किलो एनालॉग मावे के खाली बैग भी मिले थे, जिससे बड़ी मात्रा में मावा पहले ही मिठाइयां बनाने में इस्तेमाल किए जाने की आशंका सामने आई है।
ट्रेंचिंग ग्राउंड में नष्ट किया मावा
प्रशासन ने जब्त मावे को ट्रेंचिंग ग्राउंड पहुंचाकर जेसीबी से गड्ढे में डलवाया। इसके बाद मावे और संबंधित सामग्री को मिट्टी में दबाकर नष्ट कर दिया गया, ताकि उसका दोबारा किसी भी रूप में उपयोग नहीं किया जा सके।
कार्रवाई की तस्वीरों में वाहन में भरे मावे और पैकेटों को जेसीबी की सहायता से गड्ढे में डालते हुए देखा जा सकता है। प्रशासन ने इसे मिलावटखोरों के लिए स्पष्ट संदेश बताया है कि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाली सामग्री को बाजार में नहीं पहुंचने दिया जाएगा।
दो प्रतिष्ठानों पर रात में हुई थी कार्रवाई
नायब तहसीलदार कपिल गुज्जर और खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुरेंद्र ठाकुर के नेतृत्व में प्रशासन एवं खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने सबसे पहले नयापुरा स्थित न्यू स्वदेशी स्वीट्स पर दबिश दी थी। यह प्रतिष्ठान अंकुर गुप्ता का बताया गया है।
जांच के दौरान यहां 220 किलो एनालॉग मावे के खाली बैग और 52 किलो मावा मिला था। अधिकारियों के अनुसार मौके पर इसी मावे का उपयोग कर मिठाइयां तैयार की जा रही थीं। टीम ने सामग्री को कब्जे में लेकर दुकान को सील कर दिया था।
इसके बाद टीम भोपाल चौराहा स्थित जोधपुर स्वीट्स के गोदाम पहुंची। यहां 600 किलो एनालॉग मावे के खाली बैग और 72 किलो भरे हुए बैग मिले थे। गोदाम में करीब 600 किलो तैयार मिठाइयों का भंडारण भी पाया गया था। टीम ने मावे, मिठाइयों और खाली बैगों को गोदाम में रखवाकर परिसर सील कर दिया था।
दोनों स्थानों से कुल 124 किलो एनालॉग मावा और 820 किलो के खाली बैग मिले थे। कार्रवाई रात करीब 11 बजे तक चली थी।
कलेक्टर ऋतुराज सिंह की मिलावटखोरों को चेतावनी
कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने मिलावट करने वालों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि जिले में खाद्य पदार्थों की जांच और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच करने तथा अमानक और प्रतिबंधित सामग्री पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि अभियान केवल त्योहारों तक सीमित नहीं रहेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी प्रदेश में खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों के स्वास्थ्य से समझौता नहीं किया जाएगा और मिलावट के कारोबार में शामिल लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री और कलेक्टर के निर्देशों के बाद देवास में खाद्य सुरक्षा विभाग से जांच अभियान तेज करने तथा मिठाई प्रतिष्ठानों के स्टॉक, निर्माण सामग्री और आपूर्तिकर्ताओं की नियमित जांच किए जाने की अपेक्षा है।
गुजरात से हो रही थी मावे की आपूर्ति
प्रतिष्ठान संचालकों से प्रारंभिक पूछताछ में एनालॉग मावा गुजरात की किसी कंपनी से देवास भेजे जाने की जानकारी सामने आई थी। हालांकि प्रशासन ने अभी तक आपूर्तिकर्ता कंपनी का नाम और उससे जुड़े अन्य विवरण सार्वजनिक नहीं किए हैं।
अब जांच का दायरा दोनों प्रतिष्ठानों तक सीमित रखने के बजाय गुजरात से देवास तक फैली मावे की पूरी आपूर्ति शृंखला तक पहुंचाना आवश्यक है। यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि संबंधित कंपनी ने देवास के अन्य किन प्रतिष्ठानों को मावा भेजा और इसकी कितनी मात्रा पहले ही बाजार में खपाई जा चुकी है।
मावा नष्ट हुआ, लेकिन कई सवाल बाकी
जब्त मावे को नष्ट करने की कार्रवाई के बाद भी खाद्य सुरक्षा विभाग की सालभर की निगरानी पर सवाल बने हुए हैं। दोनों स्थानों से मिले 820 किलो के खाली बैग संकेत देते हैं कि बड़ी मात्रा में एनालॉग मावा पहले ही मिठाइयों में उपयोग किया जा चुका हो सकता है।
यदि गुजरात से इतनी बड़ी मात्रा में मावा लगातार देवास पहुंच रहा था तो विभाग को इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं मिली? क्या प्रतिष्ठानों के खरीद बिल, स्टॉक और निर्माण सामग्री की नियमित जांच नहीं की जा रही थी? इससे तैयार मिठाइयां कितने ग्राहकों तक पहुंचीं और शहर के अन्य किन प्रतिष्ठानों में इसी तरह का मावा इस्तेमाल किया जा रहा है?
प्रशासन की कार्रवाई का वास्तविक असर तभी दिखाई देगा, जब जांच अभियान लगातार चलेगा, पूरी आपूर्ति शृंखला पकड़ी जाएगी और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई होगी।


