
पिछली सड़क सुरक्षा समिति के फैसलों पर नहीं हुआ संतोषजनक काम; बसों, ऑटो, ई-रिक्शा और मैजिक की अव्यवस्था पर उठे सवाल
देवास। जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में नई क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) बरखा शुक्ला की कार्यप्रणाली को लेकर कलेक्टर ऋतु राज सिंह ने कड़ी नाराजगी जताई। पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने और किए गए काम की स्पष्ट जानकारी प्रस्तुत नहीं कर पाने पर कलेक्टर ने अधिकारियों की मौजूदगी में RTO को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर निर्देशों पर कार्रवाई पूरी कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में बुधवार को आयोजित बैठक में कलेक्टर ने शहर की यातायात व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पिछली सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिए गए निर्णयों की प्रगति पूछी। परिवहन विभाग की ओर से संतोषजनक जवाब और कार्रवाई का स्पष्ट विवरण सामने नहीं आने पर कलेक्टर नाराज हो गए। उन्होंने RTO बरखा शुक्ला से कहा कि निर्देशों को गंभीरता से लेते हुए एक सप्ताह के भीतर काम पूरा कर उन्हें रिपोर्ट दी जाए।
बस स्टॉप छोड़कर जहां-तहां रुक रही बसें
बैठक में शहर में बसों के निर्धारित स्टॉप पर नहीं रुकने का मुद्दा प्रमुखता से उठा। कई बस चालक यात्रियों को बैठाने और उतारने के लिए मुख्य मार्गों पर कहीं भी वाहन रोक देते हैं। इससे यातायात बाधित होने के साथ दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। पिछली बैठक में इस व्यवस्था को सुधारने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन धरातल पर अपेक्षित बदलाव नजर नहीं आया।
कलेक्टर ने RTO को स्पष्ट निर्देश दिए कि बसों को निर्धारित स्टॉप पर ही रोका जाए। बीच सड़क या अनधिकृत स्थान पर वाहन रोकने वाले चालकों और संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। नियमों की लगातार अनदेखी करने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने और वाहनों के परमिट निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाए।
ऑटो, ई-रिक्शा और मैजिक की व्यवस्था पर भी सवाल
देवास शहर में ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा और मैजिक वाहनों के संचालन को लेकर भी परिवहन विभाग की कार्रवाई संतोषजनक नहीं मिली। इन वाहनों के निर्धारित स्टॉप, रूट और नंबरिंग की व्यवस्था अब तक प्रभावी रूप से लागू नहीं हो सकी है। मुख्य मार्गों पर कहीं भी वाहन रोककर सवारी बैठाने के कारण कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनती है।
कलेक्टर ने RTO और ट्रैफिक पुलिस को संयुक्त रूप से नियमित जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए। ई-रिक्शा के लिए निर्धारित रूट तय कर सर्कुलर तैयार करने और उसे प्रत्येक वाहन पर चस्पा कराने को कहा गया। ऑटो, ई-रिक्शा और मैजिक वाहनों की नंबरिंग भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
एक सप्ताह की समय-सीमा, अगली बैठक में देना होगा हिसाब
कलेक्टर ने परिवहन विभाग को कार्रवाई के लिए एक सप्ताह की समय-सीमा दी है। अगली बैठक में RTO को यह बताना होगा कि निर्धारित स्थान के बजाय बीच रास्ते में बस, ऑटो, ई-रिक्शा और मैजिक रोकने वालों पर कितनी कार्रवाई की गई, कितने लाइसेंस निलंबित किए गए और कितने परमिट निरस्तीकरण के लिए प्रस्तावित किए गए।
नई RTO बरखा शुक्ला की पदस्थापना के बाद परिवहन व्यवस्था में सुधार की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन पिछली बैठक के निर्देशों का पालन नहीं होना विभाग की निगरानी और मैदानी कार्रवाई पर सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना होगा कि कलेक्टर की फटकार और एक सप्ताह की समय-सीमा के बाद परिवहन विभाग की कार्रवाई सड़कों पर दिखाई देती है या निर्देश एक बार फिर बैठकों तक सीमित रह जाते हैं।
सिग्नल तोड़ने और रॉन्ग साइड चलने वालों पर होगी कार्रवाई
कलेक्टर ने ट्रैफिक पुलिस को सिग्नल तोड़ने, रॉन्ग साइड वाहन चलाने, मॉडिफाइड साइलेंसर से तेज आवाज करने और शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ पूरे जिले में प्रभावी चालानी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। नो-पार्किंग क्षेत्र में खड़े वाहनों को क्रेन से हटाकर कार्रवाई करने को कहा गया है।
नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस को संयुक्त अभियान चलाकर एबी रोड तथा इंदौर रोड ब्रिज के नीचे से अतिक्रमण हटाने के निर्देश भी दिए गए। शहर के बंद पड़े ट्रैफिक सिग्नल शीघ्र शुरू कराने और यातायात में बाधा बन रहे बिजली के खंभों को एक सप्ताह के भीतर हटाने के लिए कहा गया है।
शिप्रा ब्रिज पर व्यवसाय पूरी तरह प्रतिबंधित
कलेक्टर ने शिप्रा ब्रिज पर किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि को पूर्णतः प्रतिबंधित बताते हुए संबंधित विभागों को नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। प्रतिबंध के बावजूद व्यवसाय करने वालों पर अर्थदंड लगाने और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करने को कहा गया है।
हिट एंड रन योजना में देवास प्रदेश में प्रथम
बैठक के दौरान हिट एंड रन योजना के अंतर्गत 10 परिवारों को कुल 8 लाख रुपये के सांकेतिक चेक वितरित किए गए। अधिकारियों ने बताया कि योजना के क्रियान्वयन में देवास जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। जिले में अब तक 186 प्रकरण सामने आए हैं, जिनमें से 111 स्वीकृत हो चुके हैं। सामान्य बीमा परिषद मुंबई द्वारा 78 प्रकरणों में कुल 70 लाख 50 हजार रुपये की सहायता राशि जारी की गई है।
बैठक में पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद, नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार, अपर कलेक्टर शोभाराम सोलंकी, अपर कलेक्टर संजीव जैन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, पुलिस अधिकारी और जिला सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य उपस्थित थे।


